संस्थान राजभाषा विभाग, आई.आई.आई.टी.डी.एम जबलपुर

मानव संसांधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्थापित देश के अग्रणी प्रौद्योगिकी संस्थानों में से एक भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी अभिकल्पन एवं विनिर्माण संस्थान, जबलपुर अपने आपको ज्ञान का स्रोत निर्मित करते हुए अभियांत्रिकी शिक्षा एवं अनुसंधान के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठता का वैश्विक केंद्र होगा । मूलभूत मजबूत बहुविषयी शैक्षणिक गुणों में निपुणता आधारित अद्वितीय सृजनात्मक, सकारात्मक परिवर्तन की सोच वाली मजबूत नवप्रवर्तन क्षमता, चारित्रिक सत्यनिष्ठा से ओतप्रोत एवं सक्रिय और निश्यात्मक आत्मा में आधारभूत छात्रों सहित अकादमिक समुदाय ज्ञान आधारित अभियांत्रिकी क्षेत्र में नवप्रवर्तनों में संलगित रहेगा ।

राजभाषा विभाग के कार्य

राजभाषा संबंधी सांविधानिक और कानूनी उपबंधों का अनुपालन सुनिश्चित करने और संघ के सरकारी काम-काज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए गृह मंत्रालय के एक स्वतंत्र विभाग के रूप में जून, 1975 में राजभाषा विभाग की स्थापना की गई थी । उसी समय से यह विभाग संघ के सरकारी काम-काज में हिंदी का प्रगामी प्रयोग बढ़ाने के लिए प्रयासरत है । भारत सरकार (कार्य आबंटन) नियम, 1961 के अनुसार, राजभाषा विभाग को निम्न कार्य सौंपे गए हैं -

  • केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए हिंदी शिक्षण योजना और पत्र-पत्रिकाओं और उससे संबंधित अन्य साहित्य के प्रकाशन सहित संघ की राजभाषा के रूप में हिंदी के प्रगामी प्रयोग से संबंधित सभी मामलों के लिए केंद्रीय उत्तरदायित्व ।
  • केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो से संबंधित मामले ।
  • हिंदी शिक्षण योजना सहित केंद्रीय हिंदी प्रशिक्षण संस्थान से संबंधित मामले ।
  • क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालयों से संबंधित मामले ।